IPC Section 326A क्या है? एसिड अटैक की सजा का पूरा कानून

Published On: August 24, 2026
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IPC Section 326A in Hindi और Acid Attack कानून को दर्शाती न्याय व्यवस्था से जुड़ी प्रतीकात्मक छवि

हम बात करने वाले है एक ऐसे अपराध को लेकर जो बहुत ही पीड़ा दायक माना जाता है चलिए जानते है एसिड अटैक भारत में होने वाले सबसे गंभीर हिंसक अपराधों में शामिल माना जाता है। किसी भी व्यक्ति पर तेजाब या किसी corrosive substance से हमला किया जाता है तो केवल उस समय की जो शारीरिक होती है वो चोट तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि चेहरे के साथ शरीर और व्यक्ति के सामान्य जीवन पर लंबे समय तक असर डालने का काम करता है। इन्ही सभी गंभीरता को देखते हुए भारतीय कानून में एसिड अटैक के लिए कड़े प्रावधान बनाए गए है जिससे इसको रोका जा सके।

बहुत से लोग इस कानून को पढ़ने के लिए IPC Section 326A in Hindi के नाम से खोजते रहते हैं। लेकिन इससे पहले हम आपको बता दे की, यह सही है कि IPC में Section 326A के तहत एसिड से गंभीर चोट पहुंचाने के लिए कठोर सजा का प्रावधान दिया गया था। लेकिन आपको इससे पहले एक महत्वपूर्ण बात समझना बहुत ही जरूरी है की—1 जुलाई 2024 से IPC को Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS) ने replace कर दिया है और एसिड अटैक का वर्तमान मुख्य प्रावधान BNS Section 124 बना दिया गया है।

IPC Section 326A आखिर क्या थी? – IPC Section 326A in Hindi

चलिए जानते है, IPC Section 326A ऐसे गंभीर एसिड हमले से संबंधित थी जिसमें किसी व्यक्ति को एसिड के जरिए ऐसी चोट पहुंचाने का काम किया जाता था जिससे शरीर के किसी हिस्से को स्थायी या आंशिक नुकसान जैसे विकृति, जलन, disfigurement या disability हो सकती है।

चलिए सरल भाषा में समझते है अगर किसी भी व्यक्ति पर जानबूझकर एसिड फेंका गया है और उसको उसके शरीर या चेहरे को गंभीर नुकसान पहुंचा है, तो पुराने IPC में Section 326A के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान दिया गया था।

इस धारा को खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण बनाने का काम किया गया था क्योंकि एसिड अटैक को अन्य सभी सामान्य मारपीट या चोट के मामले से अलग करके देखा जा सके और इसके लिए अलग से कठोर से कठोर सजा तय की जा सके।

अब IPC 326A की जगह कौन-सा कानून लागू है?

यह बात आपको 2026 में इस topic पर लिखते समय जरूर से बतानी चाहिए।

1 जुलाई 2024 से Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) लागू किया गया है। जिससे वर्तमान कानून में एसिड से किसी भी व्यक्ति पर गंभीर चोट या नुकसान पहुंचाने वाले अपराध के लिए उसके ऊपर BNS Section 124 लागू किया जाता है।

इसलिए अगर कोई व्यक्ति आज के समय में एसिड अटैक के कानून को समझना चाहता है, तो उसके लिए केवल IPC Section 326A पढ़ना ही पर्याप्त नहीं होगा। उसे तो यह भी पता होना चाहिए कि वर्तमान व्यवस्था में इसी तरह के अपराध के लिए BNS Section 124 का प्रावधान बनाया गया है।

एसिड अटैक की सजा कितनी होती है?

एसिड अटैक को कानून के नजर से बेहद ही गंभीर अपराध माना जाता है। जो की वर्तमान BNS Section 124 के तहत गंभीर एसिड हमले के मामले में अपराधी को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है, और भी आगे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा जुर्माने का भी प्रावधान दिया गया है।

यह जुर्माना केवल सरकारी खजाने तक ही सीमित नहीं रहता। बल्कि कानून में यह व्यवस्था भी है कि fine पीड़ित के medical expenses को ध्यान में रखते हुए उचित होना चाहिए और उसके साथ ही उस पीड़ित को भी दिया जाना चाहिए।

एसिड अटैक की सजा एक नजर में

अपराधवर्तमान कानूनसजा
एसिड से गंभीर चोट पहुंचानाBNS Section 124(1) मेंकम से कम 10 साल से आजीवन कारावास तक सजा + जुर्माना भी लगता है
एसिड फेंकने या डालने की कोशिशBNS Section 124(2) में5 से 7 साल की सजा + इसके साथ जुर्माना भी

क्या सिर्फ एसिड फेंकने की कोशिश भी अपराध है?

हाँ बिल्कुल। कानून यह नहीं देखती है की एसिड वास्तव में पीड़ित के शरीर पर गिर ही जाए।

अगर कोई व्यक्ति किसी पर एसिड फेंकने या डालने की कोशिश करने का काम करता है, तो कानून द्वारा उसके लिए भी अलग से प्रावधान है। वर्तमान में BNS Section 124(2) के तहत ऐसी कोशिश के लिए 5 से 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान बनाया गया है।

पुराने IPC में इसी तरह के प्रयास के लिए Section 326B लागू किया जाता था।

एसिड अटैक को लेकर कानून इतना सख्त क्यों है?

एसिड अटैक का असर सिर्फ घटना खत्म होने के बाद भी खत्म नहीं हो जाता है। बल्कि इसके साथ पीड़ित को शारीरिक पर चोट के साथ सामाजिक और मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ जाता है।

इसीलिए कानून इसको गंभीर अपराध के रूप में देखती है और सजा के साथ-साथ पीड़ित के इलाज जैसे आर्थिक सहायता के पहलू को भी महत्व देने का काम करती है।

निष्कर्ष: IPC 326A और आज के BNS कानून को ऐसे समझें

अगर आप पुराने कानून के बारे में पढ़ना चाहते है तो IPC Section 326A एसिड अटैक से गंभीर चोट पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण प्रावधान दिया गया था। लेकिन वर्तमान समय में कानून बदल चुका है और BNS Section 124 एसिड अटैक से संबंधित मुख्य प्रावधान बनाया गया है।

वर्तमान कानून के तहत गंभीर एसिड हमले में कम से कम 10 साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान बनाया गया है। इसके साथ एसिड फेंकने या डालने की कोशिश के लिए भी अलग से सजा तय की गई है।

यह भी पढे: क्या हर गलत काम IPC के अनुसार Offence होता है? पूरा कानूनी सच

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