Gold Silver Price Today 09 January 2026, आज के डेट के अनुसार, सोना-चांदी के भाव 09 जनवरी 2026 को बाजारों में तेजी से नहीं बढ़ने के कुछ मुख्य कारण है, आज का लेटेस्ट रेट क्या है और भविष्य में भाव कितने नीचे/ऊपर होने की संभावना हैं — आईए जानते है इस विस्तृत मार्केट अपडेट में👇
आज सोना-चांदी के भाव क्यों रुके?
आज के तरीकों में सोना और चांदी के भाव में सतत तेजी आने के बावजूद भी रुकावट आई है, और इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
🔹 Safe-haven और geopolitical tensions का असर:
वैश्विक स्तर पर तनाव जारी होने के कारण, आमतौर पर UAS और वेनेज़ुएला के बीच के आपसी हालात का असर सीधे सोने की कीमत पर आ रहा है। सोना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड के बहुत करीब रह चुका है — इससे घरेलू भाव भी ऊपर की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं।
🔹 Profit booking और डॉलर-यूएस रेपो फैसले की अनिश्चितता:
खरीदारों ने पिछले दिनों ही सोने-चांदी का लाभ लेना बहुत जोरों सोरो से शुरू कर दिए हैं — जिससे भाव भी ऊपर से थोड़ा स्थिर दिखाई दे रहे हैं। फेडरल रिज़र्व की रेट नीति अभी पूरी तरफ से स्पष्ट नहीं है, जिससे यह उतार-चढ़ाव सीमित है।
🔹 स्थिर घरेलू मांग:
हमारे यहा शादी-त्योहार सीजन में सोना-चांदी की मांग बहुत मजबूती से की जाती है, इसलिए भाव में गिरावट सीमित देखी जा रही है।
आज का लेटेस्ट रेट (भारत) — 09 जनवरी 2026
| धातु/कैरेट | आज का रेट (₹/10 ग्राम) |
| 24K सोना | ~₹1,38,800 – ₹1,39,170 |
| 22K सोना | ~₹1,27,000 – ₹1,27,260 |
| 18K सोना | ~₹1,04,000+ |
| चांदी (₹/किलो) | ~₹2,50,000+ |
💡 राजधानी/बाजार के हिसाब से कुछ आगे पीछे हो सकता है, फिर भी रेंज यही रहती है।
भाव आगे कितने गिर/बढ़ सकते हैं — विशेषज्ञ अनुमान
📈 Bullish (तेजी) कारक:
✔️ Global geopolitical tensions लगातार ही सोने-चांदी पर सपोर्ट बनाए रखा हैं।
✔️ कुछ एक्सपर्ट यह भी मानते हैं की सोने का भाव ₹1,50,000+ तक भी पहुंच सकता है वर्ष 2026 में (विश्लेषण अनुमान)।
📉 Bearish (गिरावट) कारक:
✔️ अगर फेडरल रिज़र्व जल्दी से ब्याज़ के दर को स्थिर रखता चला जाएगा है तो सुरक्षित निवेश मांग घट भी सकती है।
✔️ अगर डॉलर मजबूत होता है या वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार आता है, तो रेट में अच्छी गिरावट देखी जा सकती है।
Takeaway — आज का Market Snapshot
➡️ सोना-चांदी अभी भी गिर नहीं रहे है, लेकिन तेजी से अभी नई ऊँचाइयों तक भी नहीं पहुँच रही है।
➡️ भाव अनिश्चित वैश्विक कारकों + घरेलू मांग की वजह से स्टेबल हो गया हैं।
➡️ संभावित विस्तार की रेंज अभी ऊपर और नीचे दोनों तरफ जाकर खुल सकती है — मार्केट की असली दिशा अगले कुछ हफ्तों में तय होगी।












