Credit Card से Cash निकाला? ब्याज, फीस और CIBIL पर असर समझिए

Published On: January 7, 2026
Follow Us
Credit Card से ATM Cash निकालने पर लगने वाला ब्याज और फीस समझाता हुआ ग्राफिक

आज के समय के अनुसार Credit Card एक आसान तरीके के साथ फाइनेंशियल टूल बन गया है। शॉपिंग से लेकर  ऑनलाइन पेमेंट और EMI तक के लिए तो लोग इसका बहुत खूबी से इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन जब बात Credit Card से Cash निकालने की आ आती है, तो यहीं से असली नुकसान शुरू होने लगता है।
बहुत सारे लोग मजबूरी में या कैसी भी दिक्कत होती है तो ATM से जाकर Cash निकाल लेते हैं, लेकिन बिना यह समझे कि इसका असर उनकी जेब पर और CIBIL दोनों  पर पड़ता  है।

आइए इसे सरल तरीके से समझा जाता हैं।

Credit Card से Cash निकालना क्या होता है?

जब आप ATM पर जाकर अपने Credit Card का उपयोग करके सीधे पैसे निकालते हैं, तो इसको Cash Advance कहा जाता है।
यह सुविधा हर सभी कार्ड में दी जाती है, लेकिन यह एक प्रकार की सबसे महंगी सुविधा भी मानी जाती है।

Cash निकालते ही क्यों लगने लगता है ब्याज?

आज कल जादे लोग को ये नहीं पता है की जो Credit Card से शॉपिंग की जाती है उन पर आपको 40–50 दिन तक का interest-free period भी  मिलता है,
लेकिन Cash Withdrawal पर एक भी दिन का छूट नहीं दिया जाता।

👉 पैसे निकालते ही उसी दिन से ब्याज बढ़ना चालू हो जाता है।

  • आमतौर पर ब्याज: 30% से 45% सालाना लगता है
  • ब्याज रोजाना (Daily Basis) जुड़ता रहता है

आसान भाषा में अगर आपने अपने credit card से ₹10,000 निकाल रहे है, तो अगले ही दिन से उस पर interest जुड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

Cash निकालने पर लगने वाली फीस (Hidden Charges)

बहुत सारे लोग तो बस ब्याज को ही देखते हैं, लेकिन असली झटका फीस पे लग जाता है।

आम तौर पर ये सभी चार्ज लगते हैं:

  • Cash Withdrawal Fee:
    ₹300 से ₹600 या 2%–3% (जो ज्यादा हो)
  • GST:
    Fee + Interest दोनों पर
  • Overlimit Charges:
    अगर आपने limit के पास cash निकाला

👉 मतलब ₹10,000 निकालने पर ही ₹500–₹700 का नुकसान तुरंत हो जाता है।

Minimum Amount Pay करने से भी समस्या क्यों?

बहुत लोग यह भी सोचते हैं कि

“Minimum Due पर भर देंगे, बाद में पूरा चुका देंगे”

लेकिन Cash Advance में यह सोच बहुत खतरनाक हो सकती है।

  • Minimum Amount भरने पर भी
    👉पूरे Cash Amount पर ब्याज चलता रहता है
  • Interest + Fees + GST मिलकर bill को तेजी से बढ़ाते रहते हैं

कई लोग यहीं Debt Trap में फंस जाते हैं और अपना नुकसान कर लेते है।

CIBIL Score पर क्या असर पड़ता है?

Credit Card से Cashनिकाल कर अपने काम को करने मे कोई सीधे-सीधे CIBIL खराब नहीं करता,
लेकिन indirect असर बहुत ज्यादा ही पड़ता है।

CIBIL पर असर कैसे पड़ता है?

  1. Credit Utilization Ratio बढ़ता है
    • ज्यादा इस्तेमाल = negative signal
  2. Bill ज्यादा आता है
    • Late payment का risk होता है
  3. Minimum Pay का habit बनता है
    • Score धीरे-धीरे गिरता रहता है
  4. Bank इसे financial stress मानता है

👉 बार-बार Cash Advance जो लेते है उनका CIBIL long-term में कमजोर हो ही जाता है।

Bank Cash Advance को क्यों गलत मानता है?

Bank के नजर में हम:

  • Cash Advance = Emergency या Financial Trouble हो जाते है
  • यह दिखाता है कि user के पास liquid money नहीं है

इसीलिए future में:

  • Credit Limit increase नहीं होती
  • Loan approval में दिक्कत भी आ आती है

निष्कर्ष (Conclusion):

Credit Card से Cash निकाल कर use करना आसान तो जरूर है,
लेकिन यह सुविधा सबसे महंगी और नुकसानदायक भी पड़ सकती  है।

  • ब्याज तुरंत शुरू हो जाता है
  • फीस और GST अलग से लगने लगता है
  • CIBIL पर धीरे-धीरे बुरा असर पड़ने लगता है
  • Debt trap में फंसने का खतरा हो जाता है

👉 Credit Card को cash की तरह  नहीं, बल्कि convenience की तरह इस्तेमाल करें।

ICAI Complete Guide: Foundation से लेकर Final तक CA बनने का पूरा सफर – link

SBI ka credit card yha se apply kr sakte hai – link

AXIS Bank ka credit card yha se apply kr sakte hai link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment